बोलानी, 5 मई (स्वतंत्र संवाददाता) – सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड(सेल) अंतर्गत ओडिशा ग्रुप ऑफ माइन्स के सबसे बड़ी खान व सबसे ज्यादा लाभ देने वाली बोलानी खनन क्षेत्र का मुख्य सड़क अब डेथ ट्रैप बन गयी है । बोलानी खान मुख्य फाटक से पेट्रोल पंप तक जाने वाला वन-वे मार्ग इन दिनों जानलेवा साबित हो रहा है। बदहाल सड़क, फिसलन भरी सतह और लापरवाह रखरखाव के कारण यह मार्ग पूरी तरह दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दोपहिया वाहन चालक अपनी जान बचाने के लिए वन-वे नियमों को तोड़कर उल्टी दिशा में चलने को मजबूर हैं। ढलानदार इस सड़क पर जरा सी चूक भारी हादसे में बदल रही है।
बताया जाता है कि कुछ वर्षों पूर्व इस सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन ऊपरी हिस्से में कच्चा मार्ग होने के कारण बारिश और खदान प्रबंधन द्वारा किए जा रहे पानी के छिड़काव से मिट्टी बहकर सड़क पर जमा हो जाती है। पानी के संपर्क में आते ही यह परत बेहद खतरनाक फिसलन में बदल जाती है, जिससे वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब ऊपरी हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ सड़क किनारे जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण किया जाए। लेकिन खनन प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बना हुआ है।
स्थिति को सुधारने के नाम पर केवल ग्रेडर मशीन से सड़क को समतल किया जा रहा है, जो नाकाफी साबित हो रहा है। बल्कि इससे सड़क की पिच उखड़ रही है और हालात और भी भयावह होते जा रहे हैं।
लोगों ने सवाल उठाया है कि करोड़ों की लागत से बनी सड़क को इस तरह बर्बाद करने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? साथ ही प्रशासन और खनन प्रबंधन से इस ‘डेथ ट्रैप’ को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाने की मांग की जा रही है।