बोलानी, 24 अप्रैल (स्वतंत्र संवाददाता): बोलानी खदान के डी-एरिया खनन क्षेत्र से 600 टीपीएच क्रशर तक लौह अयस्क के निरंतर परिवहन के दौरान गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, परिवहन में लगे भारी वाहनों द्वारा निर्धारित क्षमता से अधिक लोड लेकर खनिज ढुलाई की जा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, बोलानी खदान में खनन एवं परिवहन का कार्य एक बाहरी राज्य की ठेका कंपनी को सौंपा गया है, जिसे पहले एसएस कंपनी के नाम से जाना जाता था और वर्तमान में एफएमजी के रूप में कार्यरत है। आरोप है कि संबंधित ठेका संस्था परिवहन विभाग के नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रही है।
विशेष रूप से, इस कंपनी के अंतर्गत संचालित अधिकांश भारी वाहन अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं, जिनके परमिट और वैधता की जांच आवश्यक मानी जा रही है। निर्धारित भार सीमा से अधिक लोडिंग के कारण न केवल सड़क सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
इसके अलावा, खनिज परिवहन के दौरान वाहनों को तिरपाल से ढंकना अनिवार्य होने के बावजूद इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे धूल प्रदूषण में वृद्धि हो रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों एवं सामाजिक संगठनों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अनियमित परिवहन के चलते प्रदूषण, सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
जनता ने प्रशासन से ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, नियमित जांच अभियान चलाने तथा दोषी संस्थाओं के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।इस संबंध में बड़बिल के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा है कि प्राप्त आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।